Workshop participants in Pune India at OSHO Sammasati

ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिजॉर्ट, पुणे, भारत के वर्कशॉप में भाग लेने वाले प्रतिभागी

हमारा कार्य भारत के रहस्यदर्शी और सदगुरु की देशना से प्रेरित है। आप ओशो के बारे में और अधिक पढ़ सकते हैः ओशो यहां

ओशो देशना का मूल आधार है ध्यान को एक आनंदपूर्ण स्वीकृति के साथ जोड़ना और हमारी भीतरी वास्तविकता के साथ एक गहरी अंतरंगता, जीवन ने जो कुछ भी दिया है उसका उत्सव मनाना। संक्षेप में, जोरबा दि बुद्धा यानी प्रेम, आनंद और नृत्य का समन्वय; जो सुखवादी ‘जोरबा दि ग्रीक’ के व्यक्तित्व में साकार हुआ है और जिसमें बुद्ध की सजग चेतना भी बसती है। मृत्यु जीवन का आंतरिक अंग है, और समग्रता से, आनंदपूर्वक और जाग कर जीना मृत्यु के लिए सर्वश्रेष्ठ तैयारी है। मृत्यु कोई आपदा नहीं है, बल्कि जब कोई सचेतन होकर जी लिया है, तो जीवन का उत्कर्ष है, भेंट है।

इस छोटे से वीडियो क्लिप में ओशो इसे समझा रहे हैं

 

जीवन और मृत्यु पर ओशो देशना

किस प्रकार से जीया जाए और कैसे मरा जाए यह सिखाना मेरे कार्य का हिस्सा है, कैसे आनंदित हुआ जाए और कैसे उदास हुआ जाए, अपनी युवावस्था का मजा कैसे लिया जाए और किस प्रकार से अपनी वृद्धावस्था का आनंद उठाया जाए, कैसे अपने स्वास्थ्य का आनंद लिया जाए और कैसे अपनी बीमारी का मजा लिया जाए।

 

यदि मैं तुम्हें केवल यही सिखाऊं कि तुम्हारे स्वास्थ्य का, तुम्हारे आनंद का और तुम्हारे जीवन का मजा कैसे लिया जाए, और दूसरा भाग उपेक्षित कर दिया जाए, तो मैं तुम्हें कुछ ऐसा सिखा रहा हूं जो तुम्हारे भीतर एक विभाजन, एक अलगाव निर्मित करने जा रहा है। मैं तुम्हें अस्तित्व की संपूर्णता सिखाता हूं।

 

मालकियत मत करो। किसी चीज को मत पकड़ो और आसक्त मत हो जाओ। चीजों को आने और जाने दो। चीजों को अपने भीतर से होकर गुजर जाने दो, और तुम हमेशा उपलब्ध रहो, खुले रहो। तब वहां महत सौंदर्य, महत आशीष और महत आनंद घटित होता है। जैसी गहराई तुम्हारा हर्ष लाता है, वैसी ही तुम्हारी उदासी लेकर आएगी। जैसी भेंटें तुम्हारा जीवन लेकर आता है, तुम्हारी मृत्यु वैसी ही महान भेंटें लेकर आएगी। तब व्यक्ति जान लेता है कि यह संपूर्ण अस्तित्व: रात और दिन, गर्मी और सर्दी, सभी कुछ उसी का है। उपलब्ध, खुले हुए, और विश्रांत बने रह कर तुम मालिक हो जाते हो।

 

सीखने की सबसे बड़ी बात यह है कि किसी बात से आसक्त मत होओः तुम्हारा प्रेम. तुम्हारा आनंद, तुम्हारी देह या तुम्हारा स्वास्थ्य। सभी का मजा लो–तुम्हारा स्वास्थ्य, तुम्हारी देह, तुम्हारा प्रेम, तुम्हारी पत्नी या तुम्हारा पति–लेकिन आसक्त मत हो जाओ…. जो कुछ भी उपलब्ध है, उसका मजा लो। जब वह खो जाए तो धन्यता के भाव के साथ खो जाने दो–तुम्हारे लिए जो कुछ भी किया गया है उस सभी के प्रति धन्यता का भाव, न कोई अप्रसन्नता और न कोई शिकायत। और तुम जीवन और मृत्यु दोनों के, प्रकाश और अंधकार दोनों के, अस्तित्व और अनअस्तित्व दोनों के महत्तम आनंद को जान लोगे।

(ओशो, दि धम्मपदा: दि वे ऑफ़ दि बुद्धा, भाग 7)

ओशो देशना किसी सिद्धांत या मत पर आधारित नहीं है, और एक ऐसी प्रणाली है कि जिसमें विश्वास करने वालों या अनुयायियों के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि ओशो की कोई अंतर्दृष्टि या उनका कोई सुझाव आपको आकर्षित करता है, तो उसे परिकल्पना की भांति उस समय तक अपने खयाल में रखें जब तक आपका निजी अनुभव उसे पुष्ट न कर दे, या इससे आपकी समझ में एक नया आयाम खुले। हममें से प्रत्येक को विकास, जिसका अर्थ है पूर्ण जागरूक हो जाना, के लिए अपना स्वयं का अनूठा ढंग निर्मित करना पड़ता है।

इस वेबसाइट पर उपलब्ध बहुत सारे ध्यान-प्रयोग वही हैं जो ओशो ने विकसित किए हैं या उनकी अनुशंसा की है।

ध्यान के इन प्रयोगों में विपस्सना ध्यान में शांत बैठने से लेकर ध्यान के अनेक सक्रिय प्रयोग सम्मिलित हैं, जिनको ओशो ने आधुनिक जीवन की भागमभाग और अति व्यस्तता का जीवन जीने वालों की सहायता के लिए विकसित किया है। ध्यान-प्रयोगों की जानकारी हमारी ध्यान-प्रयोगों की सूची (जिसे हम साथ में जोड़ रहे हैं) से ली जा सकती हैः ध्यान सूची

फैसिलिटेटर–मनीषा जेम्स और सुधीर पी. निएट–लंबे समय से ओशो के शिष्य हैं। उन्होंने कई वर्षों तक, इस स्थान पर जिसे अब दि ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिजॉर्ट कहा जाता है, रह कर कार्य किया है और अब वे प्रति वर्ष ध्यान करने और वर्कशॉपों का संचालन करने आया करते हैं।

नीचे दिए लिंक्स में हमारे कार्य के लिए प्रासंगिक ओशो के प्रवचनों के चुने हुए अंश प्रस्तुत किए जा रहे हैं:

Osho on Meditation

ध्यान पर ओशो देशना

 

Osho on Health

स्वास्थ्य पर ओशो देशना

 

Osho on Ageing and Maturity

प्रौढ़ता और वार्धक्य पर ओशो देशना

 

Osho on Illness and Pain

रुग्णता और पीड़ा पर ओशो देशना

 

Osho on Death and Dying

मृत्यु और उसकी प्रक्रिया पर ओशो देशना

 

Osho on Imminent Death

आसन्न मृत्यु पर ओशो देशना

 

Osho on Grief

दुख पर ओशो देशना

ओशो के बारे में और अधिक जानकारी के लिए www.osho.com पर विजिट करें और पुणे, भारत स्थित ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिजॉर्ट के बारे में जानें। अगर आप ओशो ध्यान-प्रयोगों, उत्सवों और सामूहिक-मनोचिकत्सा के प्रयोगों में अन्य मित्रों के साथ भागीदारी करना चाहते हैं तो आपके लिए विश्व भर में अनेक ओशो केंद्र हैं।

इंटरनेट पर उपलब्ध www.osho.com/library एक ऐसा स्रोत है जिसके माध्यम से ओशो के शब्दों को बिना कोई शुल्क दिए पढ़ा जा सकता है। ध्यान के दूसरे कई आयाम भी हैं जिनसे आप अपनी संभावना की खोज कर सकते हैं और ध्यान में रुचि रखने वाले किसी और को इनके बारे में बता भी सकते हैं। Mentors Channel पर नवागतों के लिए विशष रूप से निर्मित इक्कीस दिवसीय निःशुल्क ध्यान से परिचय से सहायता मिल सकती है।

अपने ई-मेल के इनबॉक्स में प्रतिदिन ओशो प्रवचनों के अंश/ध्यान-विधि प्राप्त करने के लिए आप mySamasati से संबंध जोड़ सकते हैं।

OSHO International Meditation Resort at OSHO Sammasati

 

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